24 साल बाद मिली न्यायिक जीत, हिमवंती मीडिया के संपादक अरविंद गोयल को राहत
रिपोर्ट नरेंद्र सैनी पांवटा साहिब।
उस समय का पोस्टर जब खबर लगी थी
सिरमौर। लगभग 24 वर्षों तक चले लंबे कानूनी संघर्ष के बाद हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान हिमवंती मीडिया के संपादक एवं मालिक अरविंद गोयल को बड़ी राहत मिली है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व उपायुक्त सिरमौर राकेश कौशल द्वारा दायर मानहानि से संबंधित आपराधिक अपील को खारिज कर दिया है।
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि प्रकाशित समाचार जनहित में और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर थे, इसलिए उन्हें दुर्भावनापूर्ण मानहानि की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि एक पत्रकार द्वारा सार्वजनिक हित में की गई रिपोर्टिंग तथा उच्च अधिकारियों को दी गई शिकायतें सद्भावना में की गई कार्रवाई मानी जाएंगी।
यह मामला वर्ष 2002 में प्रकाशित कथित भ्रष्टाचार से जुड़े समाचारों से शुरू हुआ था, जिसके बाद यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरता रहा। आखिरकार 20 मार्च 2026 को आए फैसले में अदालत ने अरविंद गोयल के पक्ष को सही ठहराया और उनकी निष्पक्ष एवं तथ्यपरक पत्रकारिता को मान्यता दी।
इस निर्णय को पत्रकारिता की स्वतंत्रता और जनहित में किए गए कार्यों के समर्थन के रूप में भी देखा जा रहा है।
24 साल बाद मिली न्यायिक जीत, हिमवंती मीडिया
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!
