Wednesday, April 22, 2026
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शहरी निकायों में आचार संहिता लागू हो गई है।

हिमाचल प्रदेश के 51 नगर निकायों में चुनाव 17 मई 2026 को होंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने मंगलवार को चार नगर निगम (सोलन, मंडी, धर्मशाला व पालमपुर) समेत 47 नगर पंचायत और नगर परिषदों में इलेक्शन की तारीखों का एलान कर दिया है। इसी के साथ शहरी निकायों में आचार संहिता लागू हो गई है।

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इस दौरान 4 नगर निगम, 25 नगर परिषद में चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने शिमला में प्रेस वार्ता में बताया कि नगर निगम के अलावा 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों में चुनाव होंगे। इनमें पुरुष 1.80,963 मतदाता और महिला 179882 मतदान का प्रयोग करेंगे। 18 वर्ष वाले 1808 मतदाता हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। कोई भी मतदाता सारथी ऐप में भी अपना और परिवार का नाम देख सकता है।

नामांकन पत्र 29 व 30 अप्रैल और 2 मई (दोपहर 3 बजे तक) भरे जाएंगे। इनकी जांच 4 मई को सुबह 10 बजे से होगी। नामांकन वापस लेने का समय 6 मई (सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक) निर्धारित है। नामांकन वापसी के बाद उसी वक्त चुनाव चिन्ह आवंटित होंगे। मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन 29 अप्रैल को करना होगा, जबकि 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। नगर पंचायत और नगर परिषद में उसी दिन मतगणना होगी, जबकि चार नगर निगम की मतगणना 31 मई को की जाएगी। अनिल खाची ने कहा कि निगम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम एक लाख रुपए, नगर परिषद चुनाव लड़ने वालों को 75 हजार रुपए और नगर पंचायत चुनाव लड़ने वाले दावेदार अधिकतम 50 हजार रुपए खर्च कर सकेंगे।
27 अप्रैल के बाद ही होगा पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की घोषणा
वहीं, पंचायतीराज संस्थाओं के लिए 27 अप्रैल को वोटर लिस्ट फाइनल होगी। इसलिए संभावना है कि इसके बाद ही पंचायतीराज संस्थाओं के लिए चुनाव की घोषणा हो। अभी सिर्फ शहरी निकायों की चुनावों की होगी घोषणा की गई है।
31 मई तक मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे डीसी और एसडीएम
हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम), जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालयों में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना अपरिहार्य परिस्थितियों के कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के आधार पर जारी किए गए हैं, जिसमें नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं का गठन 31 मई तक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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